Human rise
मानव उत्थान के लिए हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह समाज के लिए कुछ करे। इसमें चाहे वह प्रकृति को संवारने की बात हो या मानव उत्थान की। इसलिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही चाहिए। जिसे बेहतर हो समाज पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव आज देश में तमाम मुद्दों पर चर्चा और बहस छिड़ी हुई है। लोगों के अंतर तमाम ख्वाहिशें हैं और उम्मीदें भी। मगर, पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव के बारे में उन्हें तनिक भी चिंता नहीं है। यदि हमारा जीवन ही नहीं होगा तो सभी चीजें बेकार होंगी। यदि हम एक तालाब भी पुनर्जीवित कर सकें तो हमारी सार्थकता होगी। प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है । फिर भी हम सचेत नहीं होते।हमें ऐसे पौधे लगाने चाहिए, जो पर्यावरण को बचाने में सहायक हों। आने वाले दिनों में पानी की बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है। इसलिए हम वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर तेजी से कार्य करना चाहिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कार्य करने की जरूरत है हमें पानी बर्बाद होने से बचाना होगा इसमें क्रांतिकारी कदम उठाने की जरूरत है, वरना स्थिति विकराल हो सकती है। पर्यावरण और नार...