हमारे शास्त्र और सत् भगति
हमारे शास्त्र और सत् भगति भगवान _न_भूलो क्योंकि मरने के बाद मनुष्य का जन्म का हिसाब लिया जाएगा।काया तेरी है नहीं, माया कहाँ से होय।चरण कमल में ध्यान रखो, इन दोनों को खोय।। सास्त्र विरूद्ध साधना करना आत्महत्या करने के समान है :- संत रामपाल दास जी। हिन्दू धर्म के गुरुजन तथा अनुयाई गीता शास्त्र में वर्जित साधना कर रहे हैं जो शास्त्र विधि को त्यागकर मनमाना आचरण होने से परमात्मा की भक्ति से मिलने वाले लाभ से वंचित रहते हैं। अनमोल मानव का जीवन नष्ट कर रहे हैं। जो धार्मिक क्रियाऐं करने का निर्देश धर्म के पवित्र शास्त्रों में वर्णित है। वे ही धार्मिक क्रियाऐं करनी चाहिए, अन्य को अकर्त्तव्य जानकर त्याग देना चाहिए। अधूरे संतों ने पित्तर पूजा, मूर्ति पूजा और श्राद्ध निकलवाने शुरू कर दिए भोले हिन्दू धर्म के श्रद्धालुओं से जो कि शास्त्र विरुद्ध पूजा है। हिन्दू धर्म के वर्तमान के सब गुरुजन, आचार्य,...